Coal crisis and electricity in india
* चर्चा में क्यों ?
* कारण
* प्रभाव
* भारत में कोयले की स्तिथि
Now you know:-
create energy demand in india created a crisis situation.Now india survive in coal shortage.
चर्चा में क्यों ?
कारण
प्रभाव
भारत में स्तिथि
महत्वपूर्ण खदानें
विशेषज्ञों की राय (expert analysis)
कन्हैया पांडेय, धनबाद
एक ओर देश में कई पावर प्लांट को कोयला नहीं मिल पा रहा और बहाना बारिश का बनाया जा रहा है। लेकिन कोयले का अवैध उत्खनन coal miningऔर कारोबार भी इसके पीछे बड़ी वजह है। कोयलांचल कहे जाने वाले झारखंड के धनबाद में कोल माफिया केंद्र सरकार के राजस्व revenue और झारखंड सरकार की रॉयल्टी पर डाका डाल रहे हैं। जिस कोयले को सही तरीके से खनन के बाद पावर प्लांट को भेजा जाना चाहिए था उसे अवैध उत्खनन के माध्यम से यूपी, बिहार और देश की अन्य कोयला मंडियों में डिस्को पेपर के माध्यम से भेजा जा रहा है।
व्याख्यात्मक विवरण global economic
भारत का power sector एक बड़े संकट से गुजर रहा है, क्योंकि इसके कोयले से चलने वाले पावर प्लांट, जो भारत की 70 प्रतिशत बिजली पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं, कोयले के भंडार की कमी का सामना कर रहे हैं.
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 135 कोयले से चलने वाले पावर प्लांट्स में से आधे से ज्यादा के पास सितंबर के आखिर में औसतन चार दिनों से कम कोयले का स्टॉक बचा था, जो कि अगस्त की शुरुआत 13 दिनों के औसत से कम है.
आमतौर पर, अक्टूबर-नवंबर में त्योहारी सीजन के साथ ही भारत में औद्योगिक और घरेलू बिजली की खपत चरम स्तर पर पहुंच जाती है. उच्च बिजली की खपत, भारत की अर्थव्यवस्था Indian economy and को तेज गति से बढ़ने और कोविड से पूर्व स्तरों पर वापस आने का अवसर देती है.
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